1
1
विनीत धीर ने शहर में अवैध और लंबित अप्रूव्ड कॉलोनियों के खिलाफ बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। नगर निगम की जांच में करीब 43 कॉलोनियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से ज्यादातर कॉलोनियां जालंधर वेस्ट इलाके में स्थित बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, इन कॉलोनियों के कॉलोनाइजरों ने कॉलोनी को अप्रूव करवाने के नाम पर शुरुआती फीस तो जमा करवा दी, लेकिन बाद में निगम के नियमों के तहत जमा करवाई जाने वाली बकाया राशि नहीं भरी गई। आरोप है कि कई कॉलोनाइजरों ने नगर निगम की आंखों में धूल झोंककर प्रक्रिया को अधूरा छोड़ दिया और कॉलोनियों में प्लॉटिंग व निर्माण कार्य जारी रखा।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मेयर विनीत धीर ने एक सप्ताह का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। नगर निगम की ओर से पेंडिंग राशि जमा न करवाने वाली कॉलोनियों की सूची जारी कर दी गई है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर बकाया रकम जमा न करवाने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। निगम का कहना है कि शहर में अवैध कॉलोनियों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
मेयर विनीत धीर ने कहा कि नगर निगम की मंजूरी प्रक्रिया को मजाक बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शहर के विकास और लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद जालंधर के रियल एस्टेट और कॉलोनाइजर लॉबी में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।