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(हर्ष श्रीवास्तव) जालंधर। ‘आप’ मंत्री मोहिंदर भगत के पिता और जालंधर में भाजपा के पूर्व मंत्री भगत चूनी लाल का निधन हो गया है। उन्होंने बस्ती इलाके में अपने घर पर 93 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।
भगत चूनी लाल जालंधर पश्चिम की राजनीति में लंबे समय तक एक प्रमुख हस्ती थे। उन्होंने अकाली-भाजपा सरकार में वन और वन्य जीवन तथा श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया।
भगत चूनी लाल का जन्म 1 दिसंबर, 1932 को स्यालकोट (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने दसवीं (10वीं कक्षा) तक अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। अपने राजनीतिक सफर के साथ-साथ वे व्यावसायिक गतिविधियों में भी शामिल थे और खेल के सामान का निर्यात कारोबार चलाते थे। उनके चार बेटे और चार बेटियां हैं।
अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में भगत चूनी लाल ने 1985 का चुनाव जालंधर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा, हालांकि वे असफल रहे। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए और 1997 में जालंधर दक्षिण से अपना पहला चुनाव जीता और पंजाब विधानसभा के सदस्य बने।
2007 में वे उसी निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए। इसके बाद परिसीमन के कारण निर्वाचन क्षेत्र जालंधर पश्चिम बन गया, जहां से वे 2012 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में दोबारा जीते।
अपने राजनीतिक जीवन के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया। 2011 में सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद, वे पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर चुने गए। 2012 और 2017 के बीच उन्होंने दिवंगत प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया, जिसमें स्थानीय सरकार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान, श्रम, और वन और वन्य जीवन के विभाग थे।
उन्होंने 2012 से 2017 तक पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में भी कार्य किया, जिसके बाद उन्होंने 2017 का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।