AAP को बड़ा झटका! 3 सांसद BJP में शामिल, सियासत में मचा हड़कंप
राघव चड्ढा का दावा—5 और सांसद साथ, कांग्रेस के परगट सिंह बोले “बी टीम की राजनीति उजागर”
पंजाब की राजनीति में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए उसके 3 सांसद—Raghav Chadha, Ashok Mittal और Sandeep Pathak—भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ 5 अन्य सांसद भी संपर्क में हैं, जिनमें पूर्व क्रिकेटर Harbhajan Singh का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो कुल 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने से AAP को बड़ा नुकसान हो सकता है।
कांग्रेस का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस विधायक Pargat Singh ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम पर कोई हैरानी नहीं है।
परगट सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये नेता पहले से ही भाजपा की “बी टीम” की तरह काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, “ये नेता चाहे AAP में रहें या BJP में, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि इन्होंने कभी भी पंजाब के असली मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई।”
पंजाब के मुद्दों पर चुप्पी का आरोप
परगट सिंह ने आगे कहा कि केवल Vikram Sahney और Sant Balbir Singh Seechewal ही ऐसे नेता हैं जिन्होंने लगातार पंजाब के मुद्दों को उठाया है, जबकि बाकी नेताओं ने चुप्पी साधे रखी।
“ऑपरेशन लोटस” और ED का जिक्र
परगट सिंह ने “ऑपरेशन लोटस” का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री Bhagwant Mann से इस बारे में सवाल किया था, लेकिन कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP ने इस मामले में DGP को शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उन्होंने Enforcement Directorate (ED) की जांच का जिक्र करते हुए कहा कि “अभी एक राउंड हुआ है, अगर दूसरा राउंड हुआ तो कई और सच्चाइयां सामने आ सकती हैं।”
किसान आंदोलन का भी जिक्र
परगट सिंह ने कहा कि 2020–2021 Indian farmers’ protest के दौरान पंजाब की जीत से BJP को झटका लगा था। इसके बाद भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत पंजाब की राजनीति में दखल बढ़ाया।
राजनीतिक असर
AAP के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी पंजाब में सत्ता में है। अगर और सांसद पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका असर न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर AAP की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति और गरमाने वाली है।

