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(हर्ष श्रीवास्तव) जालंधर : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) समेत सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसी बीच जालंधर की राजनीति में हलका इंचार्जों को लेकर नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।
हाल ही में आम आदमी पार्टी ने जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए दिनेश ढल्ल की जगह जालंधर के मेयर वनीत धीर को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस बदलाव के बाद अब राजनीतिक गलियारों में एक और सवाल चर्चा का विषय बन गया है—क्या दिनेश ढल्ल के बाद अब जालंधर कैंट की हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा की भी बारी है?
राजविंदर कौर थियाड़ा लंबे समय से जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। हलके में पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ वह आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं।
लेकिन जालंधर नॉर्थ में हलका इंचार्ज बदले जाने के बाद अब जालंधर कैंट को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
सियासी हलकों में चर्चा है कि अगर आम आदमी पार्टी जालंधर नॉर्थ में हलका इंचार्ज का चेहरा बदल सकती है तो क्या आने वाले दिनों में जालंधर कैंट में भी ऐसा कोई फैसला लिया जा सकता है?
इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आम आदमी पार्टी राजविंदर कौर थियाड़ा को जालंधर कैंट के हलका इंचार्ज पद से हटाकर किसी अन्य नेता को जिम्मेदारी सौंप सकती है?
हालांकि, इस संबंध में आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक और मीडिया हलकों में चल रही चर्चा और संभावनाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।
राजविंदर कौर थियाड़ा को जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (JIT) की चेयरपर्सन की जिम्मेदारी भी दी गई थी। फरवरी 2025 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि, करीब छह महीने बाद ही उन्हें इस जिम्मेदारी से हटा दिया गया और उनकी जगह नए चेयरमैन की नियुक्ति की गई।
उस समय भी इस बदलाव को लेकर जालंधर की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि, पद से हटाए जाने को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण सामने नहीं आया था।
अब जालंधर नॉर्थ में हलका इंचार्ज के बदलाव के बाद एक बार फिर राजविंदर कौर थियाड़ा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जालंधर नॉर्थ में वनीत धीर को जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब राजनीतिक नजरें जालंधर के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों पर भी टिक गई हैं।
सवाल यह भी है कि क्या आम आदमी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जालंधर के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी कर रही है? क्या हलका इंचार्जों के स्तर पर और भी फेरबदल देखने को मिल सकते हैं?
राजनीतिक दल चुनाव से पहले हलका इंचार्ज की जमीनी पकड़, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल, संगठन की स्थिति और जनता के बीच पार्टी की सक्रियता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखते हैं। ऐसे में जालंधर नॉर्थ के बाद जालंधर कैंट में भी कोई बदलाव होता है या नहीं, इस पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजविंदर कौर थियाड़ा को जालंधर कैंट के हलका इंचार्ज पद से हटाए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए थियाड़ा को हटाए जाने की चर्चा को इस समय केवल सियासी अटकल और संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अगर आने वाले दिनों में पार्टी जालंधर कैंट के लिए किसी नए नेता को हलका इंचार्ज नियुक्त करती है, तो यह जालंधर की राजनीति में एक और बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जाएगा। वहीं, अगर कोई बदलाव नहीं होता है तो राजविंदर कौर थियाड़ा ही पार्टी की कमान संभालती रहेंगी।
फिलहाल जालंधर की सियासत में सवाल यही है—दिनेश ढल्ल के बाद क्या अब राजविंदर कौर थियाड़ा की बारी है? इसका जवाब आने वाले दिनों में ही साफ होगा।

