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(हर्ष श्रीवास्तव) जालंधर/मोहाली: पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुईं। ईडी ने उन्हें मोहाली स्थित एक प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए 18 अगस्त को तलब किया था। मामला जमीन के लैंड यूज में बदलाव (CLU) की मंजूरी और इससे जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित बताया जा रहा है।
ईडी की जांच के अनुसार, संबंधित प्रोजेक्ट के लिए जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी देने की प्रक्रिया में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं हुई थीं। इसी सिलसिले में अधिकारी से पूछताछ की जा रही है।
मामले की शुरुआत मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की वर्ष 2020 में दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी 53 कनाल जमीन सहित 14 अन्य किसानों की कुल करीब 30.5 एकड़ जमीन से संबंधित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए।
शिकायत के मुताबिक, इन दस्तावेजों में किसानों के कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए थे। मामले की जांच तत्कालीन मोहाली एसपी (इन्वेस्टिगेशन) हरमनदीप हंस द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप सामने आने के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस की एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान ईडी ने मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 ठिकानों पर छापेमारी की।
ईडी ने सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल के अलावा ABS Township और Eltus Space Builders से जुड़े अधिकारियों और निदेशकों से भी पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के घर पर भी छापेमारी किए जाने की बात सामने आई।
रिपोर्टों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 9वीं मंजिल से करीब 21 लाख रुपये नकद नीचे फेंके जाने का मामला भी सामने आया था। इसके बाद ईडी ने पूछताछ के पश्चात सनटेक सिटी के प्रमुख प्रमोटर बताए जा रहे अजय सहगल को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी के बाद सहगल को मोहाली की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें 27 मई 2026 तक ईडी की हिरासत में भेजा था।
अब आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को समन किए जाने और उनके ईडी के समक्ष पेश होने से मामले में जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। ईडी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित प्रोजेक्ट में CLU की मंजूरी की प्रक्रिया क्या थी, इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही और क्या नियमों का पालन किया गया था।
फिलहाल, मामले में ईडी की पूछताछ जारी है और जांच एजेंसी की ओर से सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप जांच/शिकायत में सामने आए दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

