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(हर्ष श्रीवास्तव) जालंधर: बस स्टैंड के नजदीक ड्राइविंग ट्रैक स्थित लाइसेंस दफ्तर में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को काम करवाने पहुंचे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर पहुंचे आवेदकों को जब कामकाज बंद होने की जानकारी मिली तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान कर्मचारियों और आम लोगों के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, कई लोग छुट्टी लेकर करीब 70 किलोमीटर दूर से ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित काम करवाने पहुंचे थे। दफ्तर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं और कामकाज प्रभावित है। इससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी दफ्तर के अंदर एसी कमरों में बैठे हुए हैं, जबकि बाहर आने वाले लोगों को हड़ताल का हवाला देकर वापस लौटाया जा रहा है। लोगों का सवाल था कि यदि कर्मचारियों को काम नहीं करना था तो दफ्तर को आम लोगों के लिए खुला क्यों रखा गया और हड़ताल की जानकारी पहले से क्यों नहीं दी गई।
मामले को लेकर यूनियन के चेयरमैन जोरावर सिंह ने आम जनता को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने कहा कि 100 से अधिक यूनियनों के आह्वान पर राज्यभर में यह हड़ताल की जा रही है, जो 21 अगस्त तक जारी रहने की बात कही गई है।
जोरावर सिंह के मुताबिक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के तहत लंबित डीए (Dearness Allowance) जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना तथा आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्करों के अधिकारों से जुड़ी मांगों को पूरा करना शामिल है।
यूनियन पदाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से 27 अगस्त को रखी गई बैठक को यूनियन ने फिलहाल बेअसर करार दिया है। उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को यूनियन की अगली बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हड़ताल के चलते आने वाले दिनों में लाइसेंस दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। ऐसे में लाइसेंस संबंधी काम करवाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

