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जालंधर। वर्कशॉप चौक के पास स्थित “मामे दे ढाबे” में कथित तौर पर अवैध तरीके से शराब पिलाने के मामले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में आरटीआई एजेंसी ऑफ इंडिया की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई भी अब सवालों के घेरे में आ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर ढाबे को कुछ घंटों के लिए बंद जरूर करवाया, लेकिन न तो किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई और न ही कोई ठोस कानूनी कार्रवाई सामने आई। बताया जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लेने की बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई कर दी गई।
सूत्रों का दावा है कि ढाबा मालिक को कारोबार बंद करवाने की चेतावनी देकर मामला दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद ढाबा दोबारा खुल गया और मामला वहीं का वहीं रह गया।
इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपनी “जेबें गर्म” कर लीं और फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अगर इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह होगा कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी पहले की तरह कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।