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विपुल पहवा जालंधर: जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में महिला के साथ मारपीट और पुलिसकर्मियों द्वारा बालों से पकड़कर घसीटने के मामले में अब नया विवाद खड़ा हो गया है। जालंधर वेस्ट के पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर दावा किया कि इस मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी को सस्पेंड नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने भार्गव कैंप के SHO से फोन पर बात की, जिसमें सामने आया कि पुलिसकर्मियों के निलंबन की खबर गलत है।
वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा था कि भार्गव कैंप में घरेलू विवाद के दौरान महिला के साथ बुरा व्यवहार करने और ASI द्वारा सड़क पर मारपीट करने के आरोप में ASI समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मंत्री ने यह भी कहा था कि महिला को बिना महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बालों से पकड़कर घसीटा गया, जो गलत है।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शीतल अंगुराल ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि अगर पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है तो उनके सस्पेंशन ऑर्डर सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने मंत्री मोहिंदर भगत से पूरे जालंधर से माफी मांगने या सोशल मीडिया पर सस्पेंशन ऑर्डर जारी करने की मांग की है। अब इस मामले को लेकर लोगों की नजर पुलिस प्रशासन और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

